अपनी दोस्ती

अपनी दोस्ती फुलो कि तरह ना हो,
जो एक बार खिले और फिर मुरझा जाए,
बल्कि कांटो की तरह हो,
जो एक बार चुभे तो बार बार याद आए,

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होशियार कौवा.