मोहब्बत.

जब कभी मोहब्बत करो हमसे ही करना,

दिलकी बात जुबॉंपर आये तो हमसे ही कहना,

ना कह सको तो वो प्यारी ऑंखे झुका लेना,

हम समझ जायेंगे तुम कुछना कहना ।

1 comment:

umesh kumar said...

अहा...!अति सुंदर...सार्थक रचना...गागर में सागर भर दी आपने...लिखते रहिये...हमेशा दस्तक देते रहूँगा...

होशियार कौवा.