जिंदगी.

जिंदगी एक सजासी हो गई है,

गम के सागर मे कुछ इस कदर खो गयी है,

तुम आजाओ वापिस ये गुजारिश है मेरी,

शायद मुझे तुम्हारी आदत सी हो गई है ।

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होशियार कौवा.