शाम.

कभी इस तरह मेरे हमसफर,
सभी चाहते मेरे नाम कर,
अगर हो सके तो तु कभी,
मेरे नाम भी कोई शाम कर।

जुदाई.

जमाने से नही तो तनहाई से डरता हू,
प्यार से नही तो रुसवाई से डरता हूं,
मिलनेकी उमंग बहोत होती है दिलमें,
लेकिन मिलने के बाद तेरी जुदाई से डरता हूं ।

दोस्ती.

हर कर्ज दोस्तीका अदा करेगा कौन,

जब हमही नही रहेंगे तो दोस्ती करेगा कौन,

ए खुदा मेरे दोस्तो को सलामत रखना,

वर्ना मेरे जीने की दुआ करेगा कौन ।