जिंदगी.

लम्हो मे जो कट जाए वो क्या जिंदगी,

ऑसुओ मे जो बह जाए वो क्या जिंदगी,

जिंदगी का फलसफां हि कुछ और है,

जो हर किसी को समझ आए वो क्या जिंदगी ।

होशियार कौवा.