हम.

कोई ख्वाब इन ऑंखोने सजायाही नही,
हमारे दिल की गहराई को कोई समझ पायाही नही,
किसी को हमारी कमी मेहसुस हो,
खुदाने हमे ऎसा बनायाही नही.

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होशियार कौवा.