दोस्ती

ढल जाती है हर चीज वक्त के साथ
एक दोस्तीही है जो कभी बुढि नहीं होती

कितना बदल गया इंसान

गांव बदलकर शहर हो रहा हैं,
और इंसान बदलकर जहर हो रहा हैं...

कत्ल

मेरे क़त्ल की कोशिश तो  उनकी निगाहों ने की थी।

पर अदालत ने उन्हें हथियार मानने से इनकार कर दिया।।

जमीर

एक निंद हैं जों लोगों कों रात भर नहीं आती...

और एक जमीर है जो हर वक्त सोया रहता है !!

मुर्दा

यहाँ जीना है तो . .

नींद में भी पैर हिलाते रहिये . .

वर्ना दफ़न कर देगा . .

ये शहर मुर्दा समझकर . .

सफा

किताब-ए-दिल का कोई सफा खाली नही होता,
मेरे दोस्त वो भी पढ लेते है,जो लिखा नही होता.

दम

छोटे से दिल में गम बहुत है,
जिन्दगी में मिले जख्म बहुत हैं,
मार ही डालती कब की ये दुनियाँ हमें,
कम्बखत दोस्तों की दुआओं में दम बहुत है.

पत्थर

जरा सा भी नही पिघलता दिल तुम्हारा,

इतना कीमती पत्थर कहाँ से खरीदा....

सजदे

सजदों में भीगती है
जिनकी आँखे
वो लोग छोटी बातों पर
रोया नहीं करते

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