शेर जो मेरे नही, लेकिन मेरे दिल को छू गए. ऎसेही कुछ शेर आपके लिये.
एक निंद हैं जों लोगों कों रात भर नहीं आती...
और एक जमीर है जो हर वक्त सोया रहता है !!
यहाँ जीना है तो . .
नींद में भी पैर हिलाते रहिये . .
वर्ना दफ़न कर देगा . .
ये शहर मुर्दा समझकर . .
किताब-ए-दिल का कोई सफा खाली नही होता, मेरे दोस्त वो भी पढ लेते है,जो लिखा नही होता.
छोटे से दिल में गम बहुत है, जिन्दगी में मिले जख्म बहुत हैं, मार ही डालती कब की ये दुनियाँ हमें, कम्बखत दोस्तों की दुआओं में दम बहुत है.
जरा सा भी नही पिघलता दिल तुम्हारा,
इतना कीमती पत्थर कहाँ से खरीदा....
सजदों में भीगती है जिनकी आँखे वो लोग छोटी बातों पर रोया नहीं करते
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